झारखंड के सभी विवि और कॉलेज होंगे 'तंबाकू मुक्त': जानें क्या है नया विश्वविद्यालय विधेयक 2026
उंटरी रोड: नंदन कुमार
झारखंड में युवाओं के बीच तंबाकू के बढ़ते चलन को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, कम उम्र में नशे की लत छात्रों के करियर और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर डाल रही है। इस विधेयक का उद्देश्य न केवल नियमों को लागू करना है, बल्कि शैक्षणिक परिसरों में एक 'हेल्दी कल्चर' विकसित करना है।
शिक्षण संस्थान भविष्य के निर्माताओं के केंद्र हैं। इन्हें नशामुक्त रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। नए विधेयक के माध्यम से हम एक स्वच्छ और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करेंगे।
यदि परिसर में तंबाकू उत्पादों का उपयोग या बिक्री पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।
हाल ही में पारित झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के अनुसार, शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त रखने का उत्तरदायित्व अब सीधे तौर पर संस्थान के प्रमुखों को सौंपा गया है।विश्वविद्यालय स्तर पर:
कुलपति (Vice-Chancellor) इसकी निगरानी करेंगे।
कॉलेज स्तर पर: प्राचार्य (Principal) को जवाबदेह बनाया गया है।
