तालाब में डूबने से तीन मासूम बेटियों की दर्दनाक मौत,,पूरे गांव में पसरा मातम का महौल ,,सिमडेगा

 तालाब में डूबने से तीन मासूम बेटियों की दर्दनाक मौत,,पूरे गांव में पसरा मातम का महौल,, सिमडेगा 

 

परिजन का - फोटो  - सृष्टि न्यूज झारखण्ड 

भूषण बाड़ा ने प्रशासन से अपील की कि गांवों में तालाबों और अन्य जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में शोकग्रस्त परिवार के साथ खड़ी है। 


विस्तार:- 

छठ महापर्व की खुशियों के बीच झारखंड के सिमडेगा जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। बानो प्रखंड के निमतुर गांव में रविवार शाम नहाने के दौरान तीन मासूम बच्चियों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डूबो दिया है।

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम गांव की तीन बच्चियां खुश्बू कुमारी (6 वर्ष), प्रमिका कुमारी (5 वर्ष) और सीमा कुमारी (7 वर्ष) घर से पास के तालाब में नहाने गई थीं। उस समय उनके परिजन घर पर मौजूद नहीं थे। देर शाम जब बच्चियां वापस नहीं लौटीं, तो परिवारवालों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान ग्रामीणों ने तालाब में एक बच्ची का शव तैरता देखा। तुरंत स्थानीय लोगों ने तीनों को बाहर निकाला और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बानो ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर सोमवार को पोस्टमार्टम के लिए सिमडेगा सदर अस्पताल भेज दिया। सिमडेगा विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा ने तीनों बच्चियों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा किन यह न केवल बानो प्रखंड, बल्कि पूरे जिले के लिए एक अपूरणीय क्षति है। छठ जैसे पावन पर्व पर ऐसा हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। परिजनों का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

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