झारखंड में बढ़ती मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं के बीच बड़ी पहल, कोल्हान क्षेत्र को मिलेगा पहला अत्याधुनिक हाथी रेस्क्यू सेंटर।
सृष्टि न्यूज झारखंड
सृष्टि न्यूज झारखंड:- राज्य में हाथियों के बढ़ते हमलों से दहशत। रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा,
जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला, दुमका में पिछले कुछ महीनों में 27 मौतें। कोल्हान क्षेत्र में घायल हाथियों के
इलाज की चुनौती को देखते हुए डिमना में 1 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर का ऐलान ।
झारखंड सरकार ने जमशेदपुर के डिमना में हाथी रेस्क्यू सेंटर को मंजूरी दी।
लागत: लगभग 1 करोड़ रुपये; कोल्हान का पहला ऐसा केंद्र।
निर्माण: अप्रैल 2026 से शुरू, क्वारेंटाइन, जलस्रोत, सुरक्षित बाड़े जैसी सुविधाएं।
- उद्देश्य: घायल, बीमार या भटके हाथियों का उपचार, निगरानी और पुनर्वास ।
वर्तमान समस्या: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला में घायल हाथियों को टाटा स्टील जू अस्पताल भेजना पड़ता है, देरी से स्थिति बिगड़ती है।
लाभ: समय पर इलाज से हाथी मृत्यु दर घटी, मानव-हाथी संघर्ष में कमी।
डीएफओ सबा आलम अंसारी: "यह वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण कदम, सरकार ने जमीन आवंटित कर दी
सीएम हेमंत सोरेन का निर्देश: प्रभावित जिलों में ग्रामीणों को ट्रेनिंग, एलीफेंट रेस्क्यू टीम गठन।
ग्रामीणों को डीजल, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन देकर हाथी विचलन रोकें।
वन विभाग से समन्वय, जागरूकता अभियान और सुरक्षा उपाय तेज करें ।
आंकड़े: 2026 में डेढ़ महीने में 35 मौतें; 5 सालों में 1400+ मौतें; प्रभावित जिले- सिंहभूम, हजारीबाग, रामगढ़ आदि
