भोजपुरी गाने पर ठुमके पड़े भारी धनबाद की राजगंज थाना प्रभारी अलीशा कुमारी

 वर्दी में भोजपुरी गाने पर ठुमके पड़े भारी धनबाद की राजगंज थाना प्रभारी अलीशा कुमारी लाइन हाजिर

सृष्टि न्यूज झारखंड 

संवाददाता:- नंदन कुमार
 

धनबाद: सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों के वीडियो वायरल होने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामला कोयलांचल धनबाद से सामने आया है, जहाँ राजगंज थाना प्रभारी (SHO) अलीशा कुमारी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्दी पहनकर भोजपुरी गाने पर डांस करना महंगा पड़ गया। एसएसपी प्रभात कुमार ने अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।

क्या है पूरा मामला

घटना धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र की है, जहाँ चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर 'डांडिया नाइट' का भव्य आयोजन किया गया था।

थाना प्रभारी अलीशा कुमारी अपनी टीम के साथ वहां सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंची थीं।

कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद उत्साही महिलाओं ने थाना प्रभारी से साथ में डांस करने का बार-बार आग्रह किया।

वर्दी में डांस महिलाओं के अनुरोध पर अलीशा कुमारी खुद को रोक नहीं पाईं और मशहूर भोजपुरी गाने टूट जाई राजाजी पलंग सागवान पर वर्दी पहने हुए ही मंच के पास थिरकने लगीं। उनके साथ एक अन्य महिला पुलिसकर्मी भी नजर आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जैसे ही इस डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। जहाँ कुछ लोगों ने इसे पुलिस का 'मानवीय चेहरा' और जनता के साथ जुड़ाव बताया, वहीं एक बड़े वर्ग ने इसे पुलिस अनुशासन और वर्दी की गरिमा के खिलाफ माना। आलोचकों का तर्क है कि ड्यूटी के दौरान और आधिकारिक वर्दी में इस तरह का व्यवहार पद की मर्यादा को धूमिल करता है।

वर्दी की गरिमा पर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब किसी पुलिस अधिकारी पर रील्स या वीडियो के कारण गाज गिरी हो। झारखंड पुलिस मैनुअल के अनुसार, ड्यूटी के दौरान सार्वजनिक रूप से ऐसा आचरण प्रतिबंधित है जो विभाग की छवि को प्रभावित करे। राजगंज की यह घटना अब पूरे राज्य में पुलिस महकमे के भीतर चर्चा का विषय बनी हुई है।

संपादन नोट: पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था का प्रतीक है, जिसकी मर्यादा बनाए रखना हर जवान की जिम्मेदारी है।

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