पलामू की जनता इस वक्त रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रही है, और ऐसे में बिजली-पानी का संकट उनकी मुश्किलों को दोगुना कर रहा है।
झारखंड के पलामू जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, सरकार बिजली और पानी की किल्लत को लेकर पूरी तरह सख्त हो गई है। आम जनता को इस चिलचिलाती धूप और उमस से राहत दिलाना अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इसी सिलसिले में राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने पलामू में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस हाईलेवल मीटिंग में बिजली और पेयजल विभाग के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि इस भीषण गर्मी के मौसम में किसी भी तरह की अनावश्यक बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वित्त मंत्री का सख्त निर्देश जनता को गर्मी में राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। बिजली और पेयजल व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
बिजली के साथ-साथ पलामू में पानी की किल्लत भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की सुचारू सप्लाई के लिए वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं
जिले में जितने भी चापाकल (Handpumps) खराब पड़े हैं, उन्हें युद्धस्तर पर अभियान चलाकर तुरंत ठीक किया जाए।
बस स्टैंड, बाजार, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक जगहों पर आम राहगीरों के लिए पीने के साफ पानी (पेयजल) के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
पलामू की जनता इस वक्त रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रही है, और ऐसे में बिजली-पानी का संकट उनकी मुश्किलों को दोगुना कर रहा है। अब देखना यह होगा कि वित्त मंत्री के इस कड़े रुख और अल्टीमेटम के बाद धरातल पर अधिकारियों की कार्यशैली में कितना सुधार आता है और पलामू के लोगों को इस भीषण गर्मी से कितनी राहत मिलती है।
