झारखंड के गढ़वा जिले के रंका थाना मोड़ पर पानी की भीषण किल्लत से त्रस्त ग्रामीणों ने सड़क जाम

 गढ़वा पानी के लिए सड़क पर उतरीं महिलाएं भारी बारिश में भी 3 घंटे जाम रहा झारखंड-छत्तीसगढ़ नेशनल हाईवे

नंदन कुमार | सृष्टि न्यूज झारखंड 

सृष्टि न्यूज झारखंड:-गढ़वा जिले के रंका थाना मोड़ पर 04 मई उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पेयजल संकट से आक्रोशित स्थानीय महिलाओं ने झारखंड-छत्तीसगढ़ मुख्य मार्ग (NH-343) को पूरी तरह जाम कर दिया। हैरान करने वाली बात यह रही कि मूसलाधार बारिश के बावजूद महिलाएं सड़क से नहीं हटीं और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करती रहीं।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक साल से जलापूर्ति योजना का मोटर खराब पड़ा है। मोटर खराब होने के कारण पूरे इलाके में पानी की किल्लत बनी हुई है। आलम यह है कि घर की महिलाओं को रोजमर्रा के कार्यों और पीने के पानी के लिए आधा से एक किलोमीटर दूर तक का सफर तय करना पड़ रहा है।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, हम रंका कला पंचायत के मुखिया से लेकर प्रखंड कार्यालय (Block Office) के अधिकारियों तक कई बार गुहार लगा चुके हैं। चक्कर काटते-काटते हम थक गए, लेकिन हमें सिर्फ आश्वासन मिला, पीने का पानी नसीब नहीं हुआ। थक-हार कर हमें सड़क पर बैठने का फैसला लेना पड़ा।

सड़क जाम होने के कारण नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। भारी बारिश के बीच अधिकारियों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत और जल्द से जल्द मोटर ठीक करवाकर जलापूर्ति शुरू करने के ठोस आश्वासन के बाद जाम को हटाया गया।

जाम हटने के बाद भी महिलाओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी प्रशासन ने कोरा आश्वासन दिया और समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकला, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन और सड़क जाम करने को बाध्य होंगे।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विरोध प्रदर्शन के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन जागेगा? क्या रंका कला की इन महिलाओं को उनके घर के पास पीने का साफ पानी मिल पाएगा या फिर इन्हें एक बार फिर सड़क की धूल और बारिश का सामना करना पड़ेगा?


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