शहनाई की जगह गूंजी चीखें जयमाला के बाद आर्केस्ट्रा ने बिगाड़ा खेल, बिना सात फेरों के वापस लौटी बरात

 आर्केस्ट्रा के मंच से भड़का बवाल, शादी मंडप बना रणक्षेत्र  बिना दुल्हन लौट गई बरात


नंदन कुमार / सृष्टि न्यूज झारखंड

सृष्टि न्यूज झारखंड:- केतार थाना क्षेत्र के बांसडीह गांव के बिगहा टोला में सोमवार की रात एक शादी समारोह उस समय हिंसा की भेंट चढ़ गया, जब आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते बड़े बवाल में बदल गया। खुशियों के माहौल में आयोजित विवाह समारोह अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और बरात बिना दुल्हन के लौट गई।

जानकारी के अनुसार, बांसडीह गांव निवासी ददई पासवान की पुत्री की शादी पलामू जिले के पाड़ेयपुरा निवासी राजू कुमार के साथ तय थी। बरात गांव पहुंची और जयमाला कार्यक्रम भी शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इसके बाद मनोरंजन के लिए आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आर्केस्ट्रा के मंच पर चढ़ने को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और बरातियों तथा ग्रामीणों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे और पत्थर चलने लगे, जिससे पूरे समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

इस हिंसक झड़प में दूल्हे के पिता दशरथ राम, दुल्हन की बहन समेत कई लोग घायल हो गए। वहीं उपद्रवियों ने आधा दर्जन से अधिक वाहनों को भी निशाना बनाया और उनके शीशे तोड़ दिए। घटना के बाद शादी समारोह पूरी तरह बाधित हो गया।

घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया। वहीं स्थिति बिगड़ने के कारण विवाह की शेष रस्में पूरी नहीं हो सकीं और दूल्हा बिना दुल्हन के ही बरात के साथ वापस लौट गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

 

और नया पुराने